- विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस: लगातार सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है ब्रेन ट्यूमर का संकेत
- From Welcome to the Jungle to Golmaal 5 : Upcoming Bollywood Franchise Movies We Are Excited to Watch
- एनसीएच का परिपत्र होम्योपैथी चिकित्सकों के सम्मान की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- सफलता का उत्सव: जयपुरिया इंदौर के 14वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूर्ण
- अंदर से बाहर तक देखभाल: ओरल हेल्थ और त्वचा का गहरा संबंध
कोविड 19 के समय में संगीत का आनंद
प्रसिद्ध वायलिन वादक और संगीत निर्देशक सुरेंद्र सिंह अत्रा ने अपने यूट्यूब चैनल, ओरिजिनल मेलोडी म्यूज़िक पर सॉन्ग “तू जाने ना” रिलीज़ किया। इस गीत को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ध्यान में रखते हुए, जूम ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से शूट किया गया था।
उनकी टीम के म्यूजिक ट्रैक प्रोग्रामर अर्जुन सिंह, वीडियो एडिटर विष्णु पासी और गायिका देबरिया बनर्जी ने उनकी मदद की। वे इसी टेक्निकल टीम के साथ काम करते हुए प्रतिष्ठा पोरवाल, अभिषेक सेठ और सुजीत शंकर जैसे अन्य गायकों के साथ और गाने भी रिकॉर्ड करेंगे।
वे सारेगामापा 2010 की पहली रनर अप अभिलाषा चेलम के साथ भी एक गीत रिकॉर्ड करने के लिए भी उत्सुक हैं। अभिलाषा चेलम के साथ रिकॉर्ड किये गए उनके पहले गीत को 3 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
एक सप्ताह के डिजिटल रियाज़ (अभ्यास) और सहयोग के बाद “तू जाने ना” गीत रिकॉर्ड किया गया। इसे अब ओरिजिनल म्यूजिक मेलोडी के यूट्यूब चैनल पर लांच किया गया है, जिसके एक लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। इस गाने की लीड सिंगर देबप्रिया बनर्जी हैं।
ज़ूम पर एक फैमिली हाऊजी सेशन ने उस्ताद को पूरी तरह से डिजिटल गीत रिकॉर्ड करने के लिए प्रेरित किया। डिजिटली गीत को रिकॉर्ड करने की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उनकी टीम के सभी सदस्य गुजरात, वाराणसी और मुंबई में ऐसी जगह थे, जहाँ अच्छे इंटरनेट बैंडविड्थ की समस्या थी। घंटों के सहयोग और टीम के प्रयास के बाद गाने को सीधे 30 मिनट में शूट किया गया।
श्री सुरेन्द्र सिंह ने सुंदर सिम्फनी को याद किया, जहां 150 से अधिक संगीतकार एक लाइव गीत को शूट करने के लिए एक साथ जुड़े, यह सिम्फनी नए युग की म्यूजिक इंडस्ट्री इको-सिस्टम में किसी तरह खो गई थी। रिकॉर्डिंग के तरीके के बावजूद विश्व स्तर पर लोग मधुर भारतीय गीत पसंद करते हैं।
उनका दृढ़ विश्वास है कि नवीनतम तकनीकों के साथ तालमेल बिठाने के साथ ही अच्छी धुनों की रचना करना जरुरी है। श्री सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि उनका संगीत ही है, जो उन्हें ऊर्जावान बनाए रखता है।


